धमतरी।कृष्ण जन्माष्टमी आने में अभी वक्त है... लेकिन छत्तीसगढ़ के धमतरी में दही हांडी को लेकर महाभारत शुरू हो गई है...
मामला शहर के सबसे व्यस्त और हृदय स्थल मकई चौक का है... जहां दही हांडी आयोजन को लेकर हिंदू संगठन और नगर निगम प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं...
दरअसल, 8 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जाएगा... जगह-जगह मटकी फोड़ और दही हांडी के आयोजन होंगे... लेकिन धमतरी में पर्व से पहले ही आयोजन स्थल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
नगर निगम ने इस बार मकई चौक में दही हांडी कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला लिया है... लेकिन इसी फैसले ने हिंदू संगठनों की नाराजगी बढ़ा दी है। संगठन का दावा है कि पिछले 12 वर्षों से लगातार इसी मकई चौक पर उनके द्वारा भव्य दही हांडी का आयोजन किया जाता रहा है।
संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि वर्षों पुरानी परंपरा और आयोजन को दरकिनार करते हुए नगर निगम ने उसी स्थान पर अपना कार्यक्रम घोषित कर दिया। इसी के विरोध में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता नगर निगम कार्यालय पहुंच गए और आयुक्त के चेंबर के बाहर धरने पर बैठकर जमकर विरोध जताया।
महापौर के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए गए..
आयोजन के निर्धारित स्थल पर हो रहे राजनीति को लेकर महापौर रामू रोहरा के लिए हिंदू संगठन के पदाधिकारी प्रतीक सोनी के द्वारा अभद्र नारेबाजी भी की गई जो लोगों में चर्चा का विषय बना रहा..
वही कार्यकर्ताओं ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर मकई चौक पर नगर निगम द्वारा प्रस्तावित आयोजन का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
वहीं, मामले को लेकर निगम प्रशासन का कहना है कि एसडीएम से चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यानी जन्माष्टमी के उत्सव से पहले ही धमतरी में दही हांडी को लेकर सियासत और विवाद दोनों गरमा गए हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर मकई चौक पर इस बार दही हांडी का मंच किसका सजेगा?
12 साल से आयोजन करते आ रहे हिंदू संगठन का...
या फिर नगर निगम प्रशासन का?
फिलहाल, सबकी नजर प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी है।
धमतरी से विशाल ठाकुर की रिपोर्ट।

