धमतरी।प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की जानकारी देने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से डिवीजनल हेड पाद बख्शी, सीआरएम मंगेश डोंगरे, एसएसए नितिन जैन, एसएम निर्मल माहेश्वरी, एसओ शांतनु राय का धमतरी आगमन हुआ। इस दौरान गैस वितरक मोहन अग्रवाल, हेतल संघवी, रेखा मंडावी, मनोज साहू सहित अन्य की उपस्थिति में पत्रकारों से औपचारिक चर्चा की गई।अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 25 लाख अतिरिक्त निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन स्वीकृत किए हैं। इस निर्णय से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ, सुरक्षित और किफायती रसोई ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है।
पात्रता
ऐसे गरीब परिवारों की महिलाएँ जिनके घर में पहले से कोई एलपीजी कनेक्शन नहीं है।
पात्रता का निर्धारण वंचना घोषणा पत्र के आधार पर किया जाएगा, जिसका सत्यापन जिला उज्ज्वला समिति (DUC) द्वारा होगा।
आवश्यक दस्तावेज़
KYC फॉर्म (फोटो सहित)
निवास प्रमाण / PoA
परिवार संरचना दस्तावेज़ (राशन कार्ड अथवा राज्य शासन द्वारा जारी प्रमाण पत्र)
आवेदक व परिवार के सभी वयस्क सदस्यों का आधार
बैंक खाता विवरण
वंचना घोषणा पत्र
प्रवासी परिवारों के लिए PoA और परिवार संरचना हेतु स्व-घोषणा पत्र मान्य होगा।
आवेदन की प्रक्रिया
नज़दीकी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जाकर
ऑनलाइन: pmuy.gov.in
नज़दीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से
योजना के अंतर्गत प्रशासनिक शुल्क माफ रहेगा, साथ ही निःशुल्क गैस चूल्हा और पहला रिफिल भी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा प्रदान किया जाएगा।
योजना की पृष्ठभूमि और प्रभाव
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में की गई थी। अब तक इसके तहत 10.33 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। योजना से स्वच्छ ईंधन तक पहुंच बढ़ी है, महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और घरेलू धुएँ से होने वाले प्रदूषण में कमी आई है।अधिकारियों ने बताया कि उज्ज्वला लाभार्थियों द्वारा एलपीजी उपयोग में भी निरंतर वृद्धि हो रही है—वित्तीय वर्ष 2019-20 में जहां औसतन 3.01 रिफिल प्रति वर्ष था, वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 4.47 रिफिल प्रति वर्ष हो गया है।

