धमतरी।छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित गंगरेल बांध की पहली नौकायन प्रतियोगिता अव्यवस्थाओं के चलते सवालों के घेरे में आ गई है। बड़े-बड़े दावों और आकर्षक पुरस्कारों के बीच आयोजित यह प्रतियोगिता जमीनी स्तर पर फेल होती नजर आई।



दरअसल, गंगरेल बांध में पहली बार नौकायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसे लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक प्रचार-प्रसार किया। प्रतियोगिता के लिए प्रथम पुरस्कार 1 लाख रुपये, द्वितीय 50 हजार रुपये और तृतीय 25 हजार रुपये घोषित किए गए थे। इन आकर्षक पुरस्कारों के चलते कुल 52 प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया।

लेकिन आयोजन शुरू होने से पहले ही व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। तय समय पर कार्यक्रम प्रारंभ नहीं हो सका, जिसके चलते प्रतिभागियों को अपनी नावों के साथ तेज धूप में घंटों इंतजार करना पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि कई प्रतिभागी भूखे-प्यासे धूप में खड़े रहने को मजबूर दिखे।



प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें सुबह ही बुला लिया गया था, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी न तो कोई स्पष्ट सूचना दी गई और न ही किसी प्रकार की व्यवस्था की गई। उनके मुताबिक, आयोजन में समन्वय की पूरी तरह कमी देखने को मिली।

सिर्फ प्रतिभागी ही नहीं, बल्कि प्रतियोगिता देखने पहुंचे दर्शकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आयोजन स्थल पर बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी, न ही टेंट या छांव की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। तेज धूप में लोग घंटों खड़े रहकर कार्यक्रम शुरू होने का इंतजार करते रहे।



हालांकि कागजों में सभी व्यवस्थाएं पूरी बताई गई थीं और एम्बुलेंस की उपलब्धता भी दर्शाई गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव साफ नजर आया। इससे प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले भी जिला प्रशासन द्वारा आयोजित “जल जगार” कार्यक्रम पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे, जिसको लेकर भी कई सवाल उठे थे। अब यह नौकायन प्रतियोगिता भी उसी कड़ी में जुड़ती नजर आ रही है।


इस पूरे घटनाक्रम के बाद बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या इस तरह की अव्यवस्थाओं के बीच पर्यटन को वास्तव में बढ़ावा मिल पाएगा? क्या प्रशासन इन गलतियों से सबक लेकर भविष्य में बेहतर आयोजन सुनिश्चित करेगा, या फिर दावों और हकीकत के बीच का अंतर यूं ही बना रहेगा?

फिलहाल, गंगरेल की यह नौकायन प्रतियोगिता अपनी चमक से ज्यादा अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है, जिसने प्रशासन की तैयारियों और कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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